GDP Kya Hai जीडीपी क्या है, NDP, GNP और NNP में अंतर

GDP Kya Hai, GDP Kya Hoti Haiपूरे साल हम जिनती इनकम करते है और खर्च करते है तो हिसाब जरूर करते है, ये पता करने के लिए कि हमने कहाँ पर किस चीज के लिए कितना खर्च किया।

ये सारा काम व्यक्तिगत रूप से करने के लिए हमें ज्यादा समस्या नहीं होती है, लेकिन क्या हो जब पूरे देश के इनकम और खर्चों का हिसाब लगाना हो तब क्या करेंगे, तो इस स्थिति में हम पता लगते है GDP का।

Hello Friends, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर आज हम बात करने जा रहे है जीडीपी के बारे में, जीडीपी क्या है GDP Kya Hai, इसका क्या काम है और इसे कैसे पता करते है।

GDP Kya Hai –

जीडीपी क्या है, GDP का फुल फॉर्म “Gross Domestic Product” होता है, हिंदी में इसे “सकल घरेलू उत्पाद” कहा जाता है।

किसी देश की राजनैतिक सीमा में एक निर्धारित समय के भीतर तैयार सभी वस्तुओं और सेवाओं के द्वारा कुल मौद्रिक या बाजार मूल्य को “सकल घरेलू उत्पाद” (GDP) कहा जाता है।

पूरे साल भारत में जीतने भी पैसे से जुड़े व्यापार होते है, उन सबको मिलाकर बनने वाली संख्या को हम जीडीपी के रूप में जानते है।

सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को सकल घरेलू आय (GDI) के नाम से भी जाना जाता है।

जिस तरह से हम व्यक्तिगत रूप से हर महीने कितना इनकम कर रहे है और कितना खर्च कर रहे है इसका हिसाब रखते है।

GDP Kya Hai in Hindi
GDP Kya Hai in Hindi जीडीपी क्या है

उसी तरह से भारत की राजनीतिक सीमा में एक साल में किसी चीज या सर्विस के बदले होने वाले लेन-देन के अंतिम मूल्य को जीडीपी कहा जाता है।

जीडीपी को किसी भी देश की राजनीतिक सीमा के अंदर ही गिना जाता है, यदि कोई विदेशी कंपनी भारत में किसी प्रोडक्ट का निर्माण कर रही है तो उसे भारत की जीडीपी में गिना जाएगा।

राजनीतिक सीमा भौगोलिक सीमा से अलग होती है, भारत की राजनीतिक सीमा जमीन के साथ समुद्र के अंदर कुछ किलोमीटर तक होती है (ऐसा सभी देशों के साथ होता है।), इस सीमा के अंदर होने वाले व्यापार को भी जीडीपी के अंतर्गत गिना जाता है।

भारत के बाहर अलग-अलग देशों में भारतीय दूतावास या इस तरह के अन्य जगहों से होने वाले व्यापार को भी जीडीपी (GDP Kya Hai) के अंतर्गत गिना जाता है।

जीडीपी को आमतौर पर एक वर्ष के लिए निकाला जाता है और यह हर साल गिना जाता है।

जब पैसे के बदले कोई ऐसी चीज मिलती है तो उसे हम वस्तु कहते है, लेकिन पैसे के बदले कोई सामान न मिलकर कोई कार्य किये जा रहे हो तो उसे सर्विस कहते है।

सर्विस के कुछ उदाहरण जैसे – इंटरनेट, टिकट लेकर यात्रा करना, किसी को कोई कम करने के लिए हायर करना, स्कूल, कोचिंग, बैंकिंग, ब्यूटी पार्लर, जिम इत्यादि चीजें जहां पर हमें किसी प्रोडक्ट के बदले में सर्विस दी जाती है, जिसे जीडीपी में गिना जाता है।

जीडीपी को गिनने के लिए किसी वस्तु और सर्विस दोनों को शामिल किया जाता है।

जीडीपी को किसी प्रोडक्ट के हमेशा अंतिम मूल्य पर गिना जाता है इससे पहले नहीं, कोई भी चीज हो वह कई सारी चीजों और चरणों में बनी होती है।

जैसे – कोई कंप्यूटर एक से अधिक पार्ट्स से मिलकर बना है इसमें प्रोसेसर, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर जैसी चीजें अलग-अलग कंपनियों से आते है और कोई भी कंपनी इन पार्ट्स की कीमत पहले ही चुकाती है और फाइनल प्रोडक्ट को कोई भी कस्टमर पैसे देकर खरीदता है।

कई ऐसी परिस्थितियाँ होती है जब हमें नहीं समझ आता है कि आखिर जीडीपी में कौन सी चीज आएगी या नहीं।

जैसा कि हमने पहले भी बात की है कि भारत के राजनैतिक सीमा के अंदर होने वाले उत्पाद को ही जीडीपी में गिना जाता है।

इसको कुछ इस तरह समझते है – मान लीजिए कोई भारतीय कंपनी A, भारत में 100 रुपये का प्रोडक्ट तैयार करती है और कोई विदेशी कंपनी B भारत में 50 रुपये का कोई प्रोडक्ट तैयार करती है तो जीडीपी 150 रुपये हो गई।

यदि कोई व्यक्ति जो दुबई में रहता है और वहाँ से 10 रुपये भारत भेजता है तो इसे जीडीपी में नहीं गिना जाएगा क्योंकि ये इनकम भारत की राजनैतिक सीमा के अंदर नहीं है।

इस प्रकार भारत की GDP = 250 रुपये होगी।

यही कारण है कि जीडीपी देश के राष्ट्रीय प्रोडक्ट को नहीं दर्शाता है, इससे यह पता चलता है कि हमारे देश में उत्पादन कितना हो रहा है।

जितना ज्यादा उत्पादन होगा किसी देश की जीडीपी उतनी ही ज्यादा होगी और जीडीपी के बढ़ने से उस देश पर दूसरे देश ज्यादा ट्रस्ट करते है, जिससे इनवेस्टमेंट और विकास के नए रास्ते खुलते है।

जीडीपी का मतलब यह नहीं होता है कि ये सारा पैसा भारत में ही आएगा, बल्कि ये अनुमान होता है कि इतनी कीमत के व्यापार सम्पूर्ण भारत की राजनैतिक सीमा के अंदर किये गए है।

जीडीपी किसी भी देश के घरेलू उत्पादन के मापक के रूप में कार्य करता है और यह किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की सेहत के बारे में भी बताता है।

इसकी गणना आमतौर पर वार्षिक रूप से होती है, लेकिन भारत में इसे तिमाही यानि हर तीन महीने के अंतराल पर भी मापा जाता है ।

जीडीपी को दो तरह से मापा जाता है, या ये भी कह सकते है कि जीडीपी दो तरह की होती है –

1. नॉमिनल जीडीपी
2. रियल जीडीपी

नॉमिनल जीडीपी सभी आंकड़ों का मौजूदा कीमतों का योग होता है, जैसा कि हमने ऊपर बात की है लेकिन रियल जीडीपी में महंगाई के प्रभाव को भी एडजस्ट कर लिया जाता है।

जैसे यदि किसी वस्तु की कीमत में 10 रुपये बढ़े है और महंगाई की दर 7 प्रतिशत है तो उसके वास्तविक मूल्य में बढ़त इन दोनों को जोड़कर बनाई जाती है।

भारत में हर तिमाही जारी किये जाने वाले आँकड़े रियल जीडीपी के होते है।

जीडीपी के आंकड़ों का भले ही रियल में उतना प्रयोग न हो लेकिन इसका प्रभाव आम लोगों पर जरूर पड़ता है।

यदि GDP के आंकड़े लगातार सुस्‍त होते है तो ये संकेत सही नहीं होते क्योंकि इससे लोगों की औसत आय कम हो जाती है और लोग ज्यादा गरीब होते जाते है।

नई नौकरियों के आने की रफ्तार कम हो जाती है, पहले से चली आ रही जॉब के जाने का खतरा बढ़ जाता है, तो कुल मिलकर ये कहा जा सकता है, घटती जीडीपी What is GDP in Hindi एक बड़े वित्तीय संकट का संकेत है।

GDP कैसे पता करते है? –

GDP = निजी खपत + कुल निवेश + सरकार द्वारा निवेश + सरकार द्वारा खर्च + (आयात-निर्यात)

जीडीपी का इतिहास –

वर्ष 1654 और 1676 के बीच चले डच और अंग्रेजों के बीच अनुचित टैक्स को लेकर हुई लड़ाई के दौरान सबसे पहले जमीदारों की आलोचना करते हुए विलियम पेट्टी ने जीडीपी जैसी अवधारणा पेश की।

हालांकि जीडीपी की आधुनिक अवधारणा सबसे पहले 1934 में अमेरिकी कांग्रेस रिपोर्ट के लिए सिमोन कुनजेट ने पेश किया, कुनजेट ने कहा कि इसे कल्याणकारी कार्यों के मापन के रूप में नहीं इस्तेमाल किया जा सकता।

हालांकि, 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन के बाद ही देशों की अर्थव्यवस्था को मापने के लिए जीडीपी का इस्तेमाल किया जाने लगा। पहले जीडीपी में देश में रहने वाले और देश से बाहर रहने वाले सभी नागरिकों की आय को जोड़ा जाता था, जिसे अब ग्रॉस नेशनल प्रोडक्ट कहा जाता है।

Source – www.wikipediahindi.com

GNP क्या है? –

जीडीपी की कुछ सीमाएं और कमियाँ है जिससे इसका डेटा सभी जगह प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

भारत की राजनैतिक सीमा और इसके बाहर होने वाले व्यापार को GNP कहा जाता है।

GNP के अंदर भारत के कुल इनकम की गणना की जाति है, यदि कोई बाहरी कंपनी भारत में 50 रुपये का प्रोडक्ट तैयार करती है तो उसे GNP में घटा देते है और अन्य सोर्स से आने वाले पैसे को जोड़ देते है।

ऊपर के उदाहरण में विदेशी कंपनी B भारत में 50 रुपये का कोई प्रोडक्ट तैयार करती है, जबकि कोई व्यक्ति दुबई से 10 रुपये भारत भेजता है तो इसे GNP के अंतर्गत गिना जाएगा।

इस प्रकार भारत की GDP = 110 रुपये होगी।

आमतौर पर यह देखा जाता है कि GDP, GNP से ज्यादा होता है, लेकिन क्लोज्ड इकोनॉमी की स्थिति में ये दोनों बराबर हो जाते है।

इसके अलावा भारत में विदेशी कंपनियों के उतपास और भारत के बाहर से देश में आने पैसे बराबर हो जाते है तो इस स्थिति में भी ये दोनों बराबर हो जाते है।

NDP और NNP –

जीडीपी क्या है इसके बारे में हमने समझा और अभी तक हमने जिस GDP और GNP के बारे में बात की है वो ग्रोस, मतलब पूरे को मिलाकर की गई कैलकुलेशन है।

इन दोनों पैरामीटर की नेट वैल्यू निकालने के लिए NDP और NNP का प्रयोग करते है।

मान लेते है ऊपर जिस कंपनी का हमने उदाहरण दिया कि विदेशी कंपनी B ने 150 रुपये का बल्ब तैयार किया, उसमें से 20 रुपये के बल्ब टूटकर खराब हो गए, तो इस स्थिति में नेट GDP 130 रुपये हो जाएगी।

इसी तरह GNP के अंतर्गत कोई भारतीय कंपनी A ने 100 रुपये के बिस्कुट तैयार किये अब उसमें से 10 रुपये के बिस्कुट गिरकर खराब हो गए तो इस स्थिति में नेट GNP 90 रुपये गिने जाएंगे, इस 90 रुपये के नेट GNP को NNP के नाम से जानते है।

भारत की जीडीपी –

कुछ महीनों पढ़ले प्रधामन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2027 तक, भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है, वर्तमान में भारत की जीडीपी (What is GDP in Hindi) 3.65 ट्रिलियन डॉलर के पास पहुँच गई है।

GDP Kya Hai in Hindi
GDP Kya Hai in Hindi

पीछे कुछ सालों में हमने जिस तेजी से ग्रोथ दिखाई है, आने वाले समय में जल्द ही हम इस लक्ष्य को पार कर लेंगे, यदि भारत ऐसा कर लेता है तो अमेरिका, चीन और जापान के बाद चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आएगा।

चौथी महाशक्ति के रूप में भारत, एक नया भारत होगा जो सैकड़ों सालों पहले हुआ करता था।

विश के 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की जीडीपी, आँकड़ें बिलियन यूएस डॉलर में है –

U.S.A27,974
China18,566
Germany4,730
Japan4,291
India4,112
United Kingdom3,592
France3,182
Italy2,280
Brazil2,272
Canada2,242

भारत के सभी राज्यों की जीडीपी –

महाराष्ट्र भारत का सबसे अधिक GDP वाला राज्य है, महाराष्ट्र भारत की कुल जीडीपी में लगभग 15.7% योगदान देता है।

अन्य राज्यों कि तुलना में यहाँ की मजबूत अर्थव्यवस्था की… विनिर्माण, वित्त और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में इसकी बेहतरीन उपस्थिति है।

वहीं भारत का सबसे कम जीडीपी वाला राज्य बिहार है, जो कि भारत की कुल जीडीपी में केवल 3.1% योगदान देता है।

बिहार में जीडीपी को बढ़ाने के लिए कई सारे कदम लिए गए है, जैसे – निवेश को आकर्षित करना, बुनियादी ढांचे का विकास करना और उद्यमिता को बढ़ावा देना इत्यादि।

इसके कुछ सकारात्मक संकेत वर्षों में विनिर्माण, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश में वृद्धि के रूप में दिखाई दिए है।

भारत के सभी राज्यों की जीडीपी क्या है, रैंक के अनुसार GDP in Hindi बारे में सूची नीचे दी गई है –

राज्य जीडीपी
1महाराष्ट्र38.79
2तमिलनाडु28.3
3गुजरात25.62
4कर्नाटक25
5उत्तर प्रदेश24.39
6पश्चिम बंगाल17.19
7राजस्थान15.7
8आंध्र प्रदेश14.49
9तेलंगाना14
10मध्य प्रदेश13.87
11केरल11.3
12हरियाणा11.2
13दिल्ली10.4
14ओडिशा8.65
15बिहार8.59
16पंजाब6.98
17असम5.67
18छत्तीसगढ़5.07
19झारखंड4.23
20उत्तराखंड3.33
21जम्मू और कश्मीर (यूटी)2.3
22हिमाचल प्रदेश2.14
23गोवा1
24अंडमान और निकोबार
द्वीप समूह**
0.89
25चंडीगढ़* 0.49
26मेघालय0.46
27मणिपुर0.45
28सिक्किम0.42
29पुडुचेरी0.39
30नागालैंड0.37
31अरुणाचल प्रदेश0.37
32मिज़ोरम0.35
33त्रिपुरा0.26
34दादरा और नगर हवेली,
दमन और दीव
NO

*2019-20 तक का डेटा, **2020-21 तक का डेटा

जीडीपी को प्रभावित करने वाले कारण –

बेहतर बुनियादी ढाँचा, प्राकृतिक संसाधन, मानव पूंजी और बेहतर सरकारी नीतियां जैसे चीजें राज्य की आर्थिक वृद्धि में प्रमुख कारक है।

कृषि वाले राज्यों की तुलना में, सेवा और वित्तीय मजबूत विनिर्माण क्षेत्रों वाले राज्यों की जीडीपी ज्यादा होती है।

इसके अलावा जीडीपी की वृद्धि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक विकास जैसे बाहरी कारकों से भी प्रभावित होता है।

सरकारी निवेश, नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ाने वाली नीतियाँ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद करती है जो की जीडीपी को बढ़ाने में मदद करती है।

जीडीपी में हुई कमी का सबसे बड़ा असर निचले तबके के गरीब लोगों पर पड़ता है, लोगों का बचत और निवेश भी कम हो जाता है, इसलिए लोग पैसे कम से कम खर्च करने लगते है।

भारत में अभी भी आर्थिक असमानता होने के कारण, लोगों की औसत आय घट जाती है।

नए रोजगार बंद हो जाते है, अंत में देश की गति कम हो जाती है, इसलिए किसी भी अर्थव्यवस्था में जीडीपी का एक बड़ा महत्व होता है।

प्रति व्यक्ति जीडीपी –

जब जीडीपी में राष्ट्रीय जनसंख्या से भाग दिया जाता है तो प्रति व्यक्ति जीडीपी का नंबर मिलता है।

लेकिन इसके लिए पहले बेस ईयर तय किया जाता है, अब उस बेस ईयर की तुलना में इस साल जीडीपी कितना घटा या बढ़ा है, उस घटने या बढ़ने के दर को जीडीपी कहते है।

What is GDP in Hindi के बारे में जानने के लिए इस विडिओ को भी देख सकते है –

भारत की जीडीपी क्या है

वर्तमान में भारत की जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर को पार कर चुकी है।

भारत की जीडीपी कितने अरब डॉलर है?

भारत की अर्थव्यवस्था को 2024-25 में 4,000 अरब डॉलर के पार हो जाने की उम्मीद की गई है, वहीं वर्ष 2026-27 तक इसके बढ़कर 5,000 अरब डॉलर यानि 5 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है।

नंबर 1 जीडीपी देश कौन है?

संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) 26,854 अरब डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, इसके बाद चीन और जापान क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर आते है।

अर्थव्यवस्था के मामले में भारत कौन से नंबर पर है?

अर्थव्यवस्था के मामले में, भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था वाला देश है, लेकिन जल्द ही भारत, फ्रांस को पीछे छोड़कर चौड़ी आर्थिक महाशक्ति बन जाएगा।

भारत एक विकसित देश कब बनेगा?

भारत की आजादी के 100वें वर्ष यानि 2047 तक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिस तरह से हम विकास के पाठ पर आगे बढ़ रहे है यह अपने तय समय तक पूरा होता नजर आ रहा है।

Summary –

पिछले कुछ एक दशक में जिस तरह से हमने विकास की दौड़ में छलांग लगाई है, वो पिछले 70 सालों में नहीं हुआ था, आने वाला युग भारत कि सदी का है और ताजी से बढ़ती हुई जीडीपी इसमें एक महत्वपूर्ण योगदान देगी।

तो दोस्तों, जीडीपी क्या है GDP Kya Hai in Hindi, इसके बारे में यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें जरूर बताइएगा नीचे कमेंट बॉक्स में और यदि आपके पास इससे जुड़ा कोई सवाल या सुझाव हो तो उसे भी लिख दीये कमेंट बॉक्स में, इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें, Thank You 🙂

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A Student 📚, Digital Content Creator, Passion in Photography. इस ब्लॉग पर आपको टेक्नॉलजी, फाइनेंस और पैसे कमाने के तरीके से संबंधित टॉपिक्स पर जानकारियाँ मिलती रहेंगी, हमारे साथ जुड़ें - यूट्यूब, फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर

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